यूरोपीय संसद के सदस्य मिलान उरिच ने कहा है कि मीनाब शहर के “शजरह ए तैय्यबा” स्कूल पर किया गया मिसाइल हमला जानबूझकर किया गया था और यह युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए।
अहले बैत समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संसद के एक सदस्य ने ईरान के शहर मीनाब में स्थित एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले को पहले से योजनाबद्ध हमला और युद्ध अपराध करार देते हुए इसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच की मांग की है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, यूरोपीय संसद के सदस्य मिलान उरिच ने मीनाब के प्राथमिक विद्यालय “शजरह ए तैय्यबा” पर हुए मिसाइल हमले को जानबूझकर किया गया हमला बताया और कहा कि इस त्रासदी की पूरी और पारदर्शी जांच आवश्यक है।
मिलान उरिच ने यह बात “फ़रिश्तगान-ए-मीनाब” शीर्षक से आयोजित एक कार्यक्रम में कही, जो ब्रसेल्स में ईरानी दूतावास के सामने आयोजित किया गया था। यूरोपीय सांसद ने यूरोपीय देशों के रवैये की भी आलोचना करते हुए कहा कि यूरोपीय नेता अमेरिका और ज़ायोनी सरकार की नीतियों के मामले में दोहरा मापदंड अपनाते हैं और ऐसे गंभीर घटनाक्रमों पर चुप्पी साध लेते हैं।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने यूरोपीय आयोग को एक पत्र भी भेजा है और मांग की है कि इस हमले की जांच कराई जाए। गौरतलब है कि मीनाब शहर के “शजरह ए तैय्यबा” स्कूल को अमेरिका और इस्राईल द्वारा ईरान पर हमलों की शुरुआत के शुरुआती घंटों में तीन बार मिसाइल हमलों का निशाना बनाया गया था।
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